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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव : दलित-मुसलमान बाइडन के साथ !

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अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों में भारत के दलितों और मुसलमानों को इतनी दिलचस्पी आखिर क्यों ? आखिर ऐसी क्या वजह है कि भारत के दलित और मुसलमान यह चाहते हैं कि अमेरिका में जो बाइडन की जीत हो. इसी सवाल का जबाब जानने के लिए जब कुछ दलितों और मुसलमानों से सवाल किए गए तो फिर इसके चौंकाने वाले उत्तर मिले.
दरअसल सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के लोगों का यह मानना है कि ….. मोदी और ट्रम्प में काफी दोस्ती है….और इसी दोस्ती की वजह से ही ट्रम्प ने अभी तक मोदी, शाह, CAA और NRC किसी के खिलाफ भी कोई एक्शन नहीं लिया है . यहां तक कि USCIRF ने जब CAA के खिलाफ हमला बोलते हुए अमित शाह को बैन करने के लिए भी कहा …. फिर भी ट्रम्प मोदी सरकार के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं हुए. यहां तक कि मोदी सरकार ने USCIRF के अधिकारियों को वीजा नहीं दिया …..फिर भी ट्रम्प को कोई फर्क नहीं पड़ा. इसकी वजह से ही भारत के दलित और मुसलमान यह चाहते हैं कि…. अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनावों में ट्रम्प को हार मिले और बाइडन सत्ता में आएं….. क्योंकि बाइडन के तेवर अभी से ही ….CAA और NRC सहित मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ सख्त नजर आ रहे हैं. ऐसे में अगर बाइडन सत्ता में आते हैं तो बहुत संभव है कि वह CAA और NRC के खिलाफ कोई कड़ा एक्शन लें. यानी की भारत के दलित और मुसलमानों को ट्रम्प पर भरोसा नहीं रह गया….. क्योंकि मोदी और ट्रंप के बीच इतनी ज्यादा दोस्ती है कि अगर अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप की फिर से जीत हो जाती है….. तो फिर CAA और NRC पर कोई एक्शन नहीं होगा….. और भारत के दलितों और मुसलमानों की जिंदगी ऐसे ही बदतर बनी रहेगी.
इस तरह सर्वे से यह साफ है कि भारत के दलित और मुसलमान …..पूरी तरीके से जो बाइडन के साथ हैं. ऐसे में अगर भारतीय मूल के अमेरिकी लोगों ने भी जो बाइडन को अपना समर्थन दे दिया तो फिर अमेरिका में सत्ता परिवर्तन लगभग तय हो जायेगा…. और इसी के साथ मोदी सरकार की तानाशाही पर भी लगाम लग सकता है. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनावों में किसकी जीत होती है.

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