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चुनावों से पहले मायावती ने किया जनता को सावधान

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बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर मायावती के अपील से भाजपा की अटकी जान. जैसा की हम जानते हैं कि बिहार में 28 अक्टूबर को पहले चरण का मतदान होगा और जनता के रुख से यह साफ है कि…. वे इस बार NDA के खिलाफ मतदान करने के लिए तैयार हैं. ऐसे में मायावती ने जनता को एक बार फिर सावधान किया है. आपको बता दें कि बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मतदाताओं से विरोधियों के हथकंडों और षड्यंत्रों से सावधान रहने….. तथा बसपा, RLSP के गठबंधन के लिए वोट करने की अपील की है. गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में बसपा ने राष्ट्रीय लोक समता पार्टी और AIMIM समेत कई दलों से गठबंधन करके तीसरा मोर्चा बनाया है….और सर्वे में यह मोर्चा सफल होता नजर आ रहा है. यानी कि मायावती को भी यह एहसास है कि बिहार में NDA अपनी संभावित हार को टालने के लिए….. जनता के खिलाफ साम-दाम-दंड-भेद का इस्तेमाल कर सकता है…. ताकि राज्य की सत्ता एक बार फिर उनके हाथों में आ जाए . लेकिन इस बार मायावती NDA के हर फैसले को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं. वैसे भी इस बार शायद पिछले 30 वर्षों में बिहार में ऐसा पहला चुनाव होने जा रहा है की ….जिसमें NDA और राजद दोनों ही कमजोर स्थिति में है. अगर गौर करें तो पिछले तीस वर्षों में बिहार की जनता को सिर्फ धोखा ही मिला है. ऐसे में जनता भी यही चाहती है की इस बार राज्य में ऐसी पार्टी सत्ता में आये जिसका सबसे बड़ा एजेंडा विकास हो….और शायद जनता के इस उम्मीद पर बसपा खरी उतरती हुई नजर आ रही है. वैसे भी बिहार की जनता यह देख चुकी है की कैसे मायावती के राज में उत्तर प्रदेश ने अपना स्वर्णिम युग देखा….कैसे बसपा राज में राज्य के हर संप्रदाय और जाति के लोगों का विकास हुआ. इसलिए बिहार की जनता की भी यही मांग है की राज्य में ऐसी सरकार आये जो जाति-धर्म से ऊपर उठकर समाज के हर वर्ग के लोगों के लिए सोचे. वहीँ मायावती ने बिहार की जनता को भरोसा भी दिलाया है की बसपा सत्ता में आने पर उत्तर प्रदेश की ही तरह बिहार का भी विकास करेगी. इस तरह मायावती ने जनता के सामने विकास का खाका खींचकर लोगों को सावधान किया है की …..चाहें कुछ भी हो जाए इस बाद NDA और महागठबंधन के झांसे में नहीं आना है…. और बिहार में विकास करने वाली सरकार को ध्यान में रखते हुए बसपा गठबंधन को जीताना है. ऐसे में अब सब कुछ जनता के हाथों में है की वे क्या चाहते हैं . खैर इसका फैसला तो 10 नवंबर को होगा. लेकिन मायावती के तेवर को देखकर यही लग रहा है की बिहार में इस बार बसपा बड़ा उलटफेर करते हुए …राज्य की सत्ता में पहली बार दस्तक दे सकती है.

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