Ultimate magazine theme for WordPress.

सेना में महिलाओं से भेदभाव पर SC मोदी से नाराज

210

मोदी सरकार ने भले ही देश में बेटी बचाओ और बेटी पढाओ का नारा दिया था….लेकिन सच्चाई है की इस सरकार को न देश के बेटियों की मान-सम्मान की चिंता है और न ही भाजपा ….. महिलाओं को आगे बढ़ते देखना चाहती है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के रहते शायद यह संभव नहीं है की मोदी सरकार अब महिलाओं के विकास को रोक सके. तभी तो कोर्ट ने एक बार फिर महिलाओं को लेकर मोदी सरकार को फटकार लगाई है. आपको बता दें की सेना में स्थाई कमीशन पाने से वंचित रह गई महिला अधिकारियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. जहाँ सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर मुहर लगाते हुए केंद्र सरकार को फटकार लगाई है…. साथ ही केंद्र को फैसला लागू करने के लिए तीन महीने की मोहलत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये अहसास करने का समय आ गया है कि महिला अफसर पुरुष समकक्षों के लिए सिर्फ सहायक नहीं हैं. कोर्ट ने कहा की लिंग के आधार पर महिलाओं पर आकांक्षाएं डालना वास्तव में पूरी सेना के लिए एक संघर्ष है, जहां पुरुष और महिला समान हैं. दरअसल केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दलील देते हुए कहा था कि सेना में ज्यादातर ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले जवान महिला अधिकारियों से कमांड लेने को लेकर बहुत सहज नजर नहीं आते…..और महिलाओं की शारीरिक स्थिति, परिवारिक दायित्व जैसी बहुत सी बातें उन्हें कमांडिंग अफसर बनाने में बाधक हैं. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार पर सख्त रवैया अपनाया . सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि स्थाई कमीशन देने से इनकार स्टीरियोटाइप्स पूर्वाग्रहों का प्रतिनिधित्व करते हैं. कोर्ट ने कहा की महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करती हैं….लेकिन केंद्र की दलीलें परेशान करने वाली हैं. कोर्ट ने साफ-साफ कहा की महिला सेना अधिकारियों ने देश का गौरव बढ़ाया है. वहीँ सुप्रीम कोर्ट ने कैप्टन तान्या शेरगिल का उदाहरण दिया. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं की शारीरिक विशेषताओं पर केंद्र के विचारों को खारिज किया करते हुए कहा की केंद्र दृष्टिकोण और मानसिकता में बदलाव करे. इस तरह सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार को एक बार फिर से बड़ा झटका लगा है. सबसे बड़ी बात यह है की सेना में महिलाओं की स्थिति को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इससे पहले मोदी सरकार को कड़ी फटकार लगायी थी….लेकिन सरकार को लगा था की शायद सुप्रीम कोर्ट उनकी बात मान ले …. पर अब सर्वोच्च न्यायालय ने भी दिल्ली हाई कोर्ट के बयान को फिर से दोहराया है. जिससे यह साबित हो गया की देश का कानून हर कदम पर महिलाओं के साथ है और इस बात को मोदी सरकार जितनी जल्दी समझ ले…उतना ही उनके और देश के लिए बेहतर होगा.

Leave A Reply

Your email address will not be published.