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2024 से पहले आतंकी हमले की डर में विपक्ष

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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले को एक साल हो चुका है. हालाँकि इस आतंकी हमले के जबाब में मोदी सरकार ने पाकिस्तान पर airstrike करवाया था लेकिन भारतीयों के अंदर का गुस्सा और दर्द अभी भी कम नहीं हुआ है. वैसे राजनीतिक जानकारों के अनुसार और सर्वे से भी यह साबित हो चूका है की पुलवामा हमले से सबसे ज्यादा लाभ भाजपा को हुआ है . दरअसल चुनावों से पहले airstrike की वजह से जनता ने राष्ट्रवाद के नाम पर भाजपा को वोट कर दिया ….और मोदी सरकार वापस सत्ता में आ गयी. लेकिन आज तक जनता यह समझ नहीं पाई है की आखिर चुनावों के वक्त ही पुलवामा हमला क्यूँ हुआ. वैसे भी लोकसभा चुनाव 2019 के वक्त देश में भाजपा विरोधी हवा बह रही थी…. लेकिन पुलवामा हमले के बाद भाजपा को चुनावों में 300 से ज्यादा सीटें मिली. जिसकी वजह से विपक्ष को यह डर हो गया है की…..लोकसभा चुनाव 2024 से पहले देश में फिर से आतंकी हमला होगा. आपको बता दें पुलवामा हमले की वर्षी पर दलित नेता उदित राज ने कहा की सोशल मीडिया पर राष्ट्रवाद का प्रचार करने वाले लोग अक्सर उच्च जाति के होते हैं….और जिन सैनिकों ने मुख्य रूप से हमले में अपनी जान गंवाई वे दलित, आदिवासी और पिछड़ी समुदायों से आते हैं. उन्होंने कहा की हाशिए पर खड़े समुदायों को सत्ताधारी सवर्णों की देशभक्ति की कीमत चुकानी पड़ती है. यही नहीं उदित राज ने यह भी कहा की 2024 से पहले एक और पुलवामा अटैक हो सकता है….ऐसी स्थिति में पुलवामा हमले की जाँच होनी ही चाहिए. वैसे दलित नेता का यह डर और मांग पूरी तरह से निराधार भी नहीं है. अगर पुलवामा हमला में सचमुच किसी की साजिश है तो उसकी जांच होनी ही चाहिए….क्यूंकि अगर किसी के स्वार्थ के कारन 40 सैनिकों की हत्या हुई तो फिर उन्हें न्याय मिला ही चाहिए. वैसे कई ऐसे पुलवामा शहीद हैं जिनके परिवार पर अभी भी सरकार का ध्यान नहीं गया…और उन्हें सरकार से समुचित सहायता भी नहीं मिली. यानी की सत्ता में आते ही मोदी सरकार ने कई शहीदों के परिवारों को भुला दिया है. कुल मिलाकर हम यह कह सकते हैं की पुलवामा हमले को लेकर मोदी सरकार की भूमिका विपक्ष को संदिग्ध लग रही है. हालाँकि इसमें कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा. लेकिन अगर देश में छोटे-छोटे मुद्दे पर CBI जाँच हो सकती है…..तो इतने बड़े मुद्दे पर आज तक जाँच क्यूँ नहीं हुई….यह भी शक के घेरे में है. इसलिए दलित नेता ने जो आशंका जाहिर की लोकसभा चुनाव 2024 से पहले देश में फिर से आतंकी हमला हो सकता है ….उस पर ध्यान देने की जरुरत है जिससे कम से कम कुछ सैनिकों को किसी के साजिश का शिकार होने से बचाया जा सकेगा.

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