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Mayawati और Mamta Banerjee बनेंगी Narendra Modi के लिए जंजाल – By RR

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वैसे तो भारत पुरुष प्रधान देश रहा है…पर कभी-कभी कुछ महिलाओं ने भारत पर ऐसी छाप छोड़ी है की…. लोग मानने को मजबूर हो गए की…अगर नारी चाह ले तो सब कुछ कर सकती है. चूँकि देश में अभी चुनाव चल रहा है. ऐसे में देश की उन दो महिलाओं की चर्चा जरुर करना चाहूँगा….जो भारतीय राजनीति में कोई भी उलटफेर करने की हिम्मत रखती हैं….वो हैं ममता बनर्जी और मायावती . दरअसल यही वो महिला शक्तियां हैं….जो इस चुनाव में मोदी के राह की सबसे बड़ी बाधा बनी . अगर exit पोल की भी बात करें तो भाजपा मायवती और ममता को पूरी तरह से रोकने में नाकाम रही है. वैसे अगर चर्चा मायावती की करें तो इनका एक ही लक्ष्य है….देश को एक नयी दिशा देना. हालाँकि बसपा सुप्रीमो के लिए इस चुनाव में बड़ी जीत जरुरी है….क्यूंकि पिछले चुनाव में एक भी सीट नहीं जीतने से इनके साख को बड़ा झटका लगा था. इस वजह से राजनीति में अपनी अहमियत बनाये रखने के लिए….. यह चुनाव मायावती के लिए करो या मरो जैसी स्थिति वाली भी है. हालाँकि अब तक मायावती अपने इरादों में पूरी तरह सफल होती दिख रही है. बस अब उस आखिरी नतीजे का इंतजार है जब चुनाव परिणाम का फैसला होगा. वहीँ बात ममता बनर्जी की करें तो…. मायावती के बाद यही हैं जिनसे मोदी सबसे ज्यादा परेशान हैं. हालाँकि ममता के लिए भी बंगाल फतह उतना ही जरुरी है. क्यूंकि इस बार भाजपा ने बंगाल में इतना दम लगा दिया है की….. अगर भाजपा को बड़ी जीत मिल गयी तो फिर….. बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता का जीतना मुश्किल हो जायेगा. हालाँकि चुनाव परिणाम के बाद असली वस्तुस्थिति का पता चल पायेगा की…मायावती और ममता ने भाजपा का कितना नुकसान किया है. अगर UP में भाजपा को चुनाव में कुछ सीटों का नुकसान होता है तो….इसका सारा क्रेडिट मायावती को ही जायेगा. इन्होने जिस तरह से गठबंधन के लिए कैम्पेन किया …वह आने वाले समय में एक उदाहरण का काम करेगा. इन सबके बीच ममता की ताकत को भी कम नहीं आंका जा सकता . क्यूंकि भले ही सर्वे दिखा रहे हों की भाजपा बंगाल में पहले की तुलना में ज्यादा सीटें जीत रही है.पर इसका मतलब यह नहीं होगा की ममता राज्य में कमजोर पड़ गयी है. दरअसल यह लोकसभा चुनाव है…जहाँ लोग मोदी को PM बनाने के लिए वोटिंग कर रहे थे…और विपक्ष के पास ऐसा कोई उम्मीदवार ही नहीं था जो की मोदी की लोकप्रियता को चुनौती दे सकता था. इस वजह से जनता का थोडा झुकाव भाजपा के तरफ होना लाजमी था. इसके बाबजूद भी TMC को भी राज्य में अच्छी खासी सीटें मिल रही है. दरअसल माया-ममता का कॉम्बो सिर्फ भाजपा के लिए ही नहीं बल्कि कांग्रेस के लिए भी मुसीबत है….और अगर इन दोनों की मर्जी नहीं हुयी तो भाजपा के हारने के बाद भी कांग्रेस विपक्ष की गद्दी पर नहीं बैठ पायेगा.

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