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Mayawati की नज़र अब भविष्य की राजनीती पर – By RR

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चुनाव में मायावती ने मिली जुली परिणाम के बाद बहुजन समाज पार्टी संसदीय दल का गठन कर दिया गया है. आपको बता दें की दिल्ली में बसपा अध्यक्ष मायावती की अध्यक्षता में हुई संसदीय दल की बैठक में जिम्मेदारी सौंपी गई. जैसा हम जानते हैं की बसपा के दस सांसद विजयी हुए है. नगीना के सांसद गिरीश चंद्र को संसदीय दल का नेता चुना गया और जौनपुर के सांसद श्याम सिंह यादव को उपनेता नामित किया गया है. जबकि जनता दल (सेक्युलर) से आए और अमरोहा सीट से सांसद निर्वाचित हुए कुंवर दानिश अली को मुख्य सचेतक का दायित्व सौंप मायावती ने जातीय समीकरण साधने की कोशिश की है. संसदीय दल के नवनियुक्त नेता गिरीश वर्ष 2007-12 में विधायक भी रहे हैं. मायावती के भरोसेमंद रहे गिरीश चंद मुरादाबाद, बरेली, सहारनपुर व मेरठ मंडल में संगठन की विभिन्न जिम्मेदारी भी संभाल चुके है. सूत्रों ने बताया कि बसपा सुप्रीमो मायावती की अध्यक्षता में नई दिल्ली में नवनिर्वाचित सांसदों की हुई बैठक में तीनों सांसदों की जिम्मेदारी का एलान किया गया. अगर गिरीश की बात करें तो इन्होने पश्चिम यूपी में पार्टी संगठन को मजबूत करने का काम किया. गिरीश 2014 का लोकसभा चुनाव लड़े लेकिन हार गए थे. इस बार इन्होने नगीना सुरक्षित सीट से भाजपा के डॉ. यशवंत सिंह को 1.67 लाख वोटों से हराकर इस जिम्मेदारी तक पहुंचने में सफलता हासिल की. वहीँ संसदीय दल के उपनेता चुने गए श्याम सिंह यादव अवकाश प्राप्त पीसीएस अधिकारी हैं. वह यूपी रायफल एसोसिएशन के चेयरमैन भी हैं. श्याम सिंह की पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीतिक रही है. परिवार में चाचा ब्लॉक प्रमुख रहे तो चचेरे भाई सपा के जिलाध्यक्ष रहे हैं. सरकारी सेवा से बसपा के रास्ते सियासत में आने के बाद सीधे लोकसभा की राजनीति में उतरे श्याम सिंह ने भाजपा के केपी सिंह को 80 हजार से अधिक मतों से हराया है. ये बसपा संसदीय दल में वह उपनेता की भूमिका निभाएंगे. अगर दानिश पर नजर दौड़ाएं तो संसदीय चुनाव से ठीक पहले दानिश बसपा में शामिल हुए और अमरोहा से टिकट हासिल कर लिया. अमरोहा से दानिश ने भाजपा के कंवर सिंह तंवर को 63 हजार से अधिक वोटों से हराकर कामयाबी हासिल की है. अब उन्हें लोकसभा में बसपा संसदीय दल का मुख्य सचेतक बनाया गया है. दानिश ने कहा कि संसद पहुंचकर अपने क्षेत्र के लोगों की सेवा करने का लक्ष्य प्राप्त हो गया है. संसदीय दल के गठन के साथ ही बसपा प्रमुख मायावती ने लोकसभा चुनाव के नतीजों की राज्यवार समीक्षा भी शुरू कर दी है. सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में बसपा प्रमुख ने दिल्ली व उत्तराखंड राज्य में पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा की. वहीँ अब वह महाराष्ट्र व कर्नाटक में पार्टी की स्थिति की समीक्षा करेंगी. गौरतलब है कि बसपा ने ज्यादातर राज्यों में प्रत्याशी उतारे थे लेकिन उसे उत्तर प्रदेश की मात्र 10 सीटों पर ही सफलता मिली है. देखें तो मायावती अपनी तरफ से पूरी तैयारी में जुट गयी हैं. एक तरफ वह हार की समीक्षा कर रही हैं तो दूसरी ओर वह पार्टी को मजबूत करने में जुट गयी हैं. इससे बसपा में फिर से ख़ुशी का माहौल आता दिख रहा है.

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